urdu ghazal

November 8, 2009

सच्ची इबादत – Sachhi Ibadat

इतनी सच्ची थी महवियत* उसकी मैंने पाया (engrossment) उसकी किताबों का निचोड़ मलहम के काम (में) आया itni sachhi thi mahwiyat* uski maine paaya uski kitabon […]